दिल्ली में मंदिर तोड़ दिया गया, अबतक कोई कार्यवाही नहीं - इतना सेकुलरिज्म भी ठीक नहीं


30 जून की रात को दिल्ली के चावडी बाज़ार में एक हिन्दू मंदिर पर जबरजस्त हमला कर मंदिर को तहस नहस कर दिया गया, मंदिर के अन्दर मौजूद देवी देवताओं की मूर्तियों को तोड़ दिया गया 

इस घटना को लेकर कई विडियो भी सामने आ चुके है, साथ ही साथ मोबाइल विडियो के अलावा CCTV फुटेज भी सामने आया है, विडियो में साफ़ देखा गया की मुस्लिम भीड़ ने अल्लाह हु अकबर के नारे लगाते हुए हिन्दू मंदिर को निशाना बनाया और उसपर हमला किया 

इलाका मुस्लिम बहुल है और हिन्दुओ में इस घटना के बाद खौफ का माहौल भी है, दिल्ली में सरकार भले अरविन्द केजरीवाल की हो, पर असल में दिल्ली की पुलिस प्रधानमंत्री कार्यालय और गृहमंत्रालय के अंडर ही कार्य करती है 

दिल्ली में लॉ एंड आर्डर के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री स्वयं जिम्मेदार होते है, हमले के तमाम विडियो मौजूद है, विडियो में चेहरे देखे जा सकते है पर आज 2 जुलाई हो गयी, घटना को 2 दिन हो गए पर अबतक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गयी 

दिल्ली में बीजेपी के 7 सांसद भी है, पर सबने चुप्पी साध रखी है, जिस इलाके में मंदिर पर हमले की घटना हुई वो चांदनी चौक लोकसभा सीट में आता है, और चांदनी चौक से सांसद है हर्षवर्धन, उन्होंने घटना की निंदा करी पर मंदिर का नाम तक नहीं लिखा और सबसे बड़ी बात ये की उन्होंने हमले को लेकर सोशल मीडिया पर घटना की जानकारियां दे रहे लोगो को ही असामाजिक तत्व बता दिया, पर हमलावरों के खिलाफ 1 शब्द नहीं बोला 

माना की सेकुलरिज्म है भारत में पर फिर भी मंदिर पर हमला कर दिया गया, कानून की ऐसी तैसी कर दी गयी, बहुमत की सरकार है, फिर भी अबतक कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं किया गया, इतना 'विश्वास' जीतना और इतना सेकुलरिज्म भी ठीक नहीं