देश की राजधानी में मंदिर तोड़ दिया गया, किसी मस्जिद पर हमला होता तो क्या ऐसी ही ख़ामोशी होती !



देश की राजधानी का ये हाल है तो आप अंदाजा लगाइए की कश्मीर, बंगाल, केरल, और देश के तमाम मजहबी उन्मादी बहुल इलाकों के क्या हालात होंगे, देश की राजधानी दिल्ली में एक दुर्गा मंदिर पर हमला कर मूर्तियों को तोड़ दिया गया 

इस घटना को 2 दिन हो चुके है, आज 2 जुलाई है और ये घटना 30 जून को ही दिल्ली के चावडी बाज़ार इलाके में घटित हुई थी, अल्लाह हु अकबर चिल्लाते हुए मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने दुर्गा मंदिर पर हमला कर मूर्तियों को तोड़ दिया 

इस घटना को काफी समय हो गया पर देश की अधिकतर मीडिया में इसे लेकर टोटल सन्नाटा है, देश के सभी नेता इस घटना पर टोटल मौन है, चुप है

क्या सांसद हो, क्या विधायक हो, क्या मंत्री हो, क्या बडबोले नेता हो, क्या सेक्युलर नेता हो या क्या खुद को राष्ट्रवादी कहने वाले नेता, सब इस घटना पर मौन है 

इस घटना पर सबसे ज्यादा प्रखर होकर सिर्फ एक नेता ने आवाज उठाई, उनका नाम है कपिल मिश्रा और उन्होंने एक सवाल भी पुछा 
सवाल वाजिब है और पुछा जाना चाहिए, मंदिर पर हमले के बाद हर तरफ टोटल सन्नाटा है, मीडिया भी गायब है और नेता भी, जैसे किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ा हो 

सवाल ये है की अल्लाह हु अकबर चिल्लाते हुए एक हिन्दू मंदिर को देश की राजधानी में तोड़ दिया गया, अगर जय श्री राम का नारा लगाते हुए कहीं किसी मस्जिद पर इसी प्रकार का हमला किया गया होता तो क्या देश में इसी तरह टोटल सन्नाटा रहता, क्या मीडिया और नेता इसी तरह मौन रहते !