चीन छोड़कर 1000 कम्पनियाँ भारत में लगाना चाहती है फैक्ट्रीयां, लगातार चल रही सरकार से बात


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समय इन दिनों बहुत व्यस्त चल रहा है, मोदी एक साथ कोरोना और इकॉनमी दोनों को लेकर दिन रात काम कर रहे है, चीन ने अपने वायरस से जो तबाही दुनिया में मचाई है उसका नुक्सान उसी को भरना है और चीनी वायरस से दुनिया में जो आक्रोश उत्पन्न हुआ है उसका सीधा फायदा भारत को मिल सकता है 

प्रधानमंत्री मोदी भी मौके की नजाकत को समझ रहे है इसलिए भारत की सरकार दुनिया भर की कंपनियों के साथ लगातार बात कर रही है, जानकारी ये सामने आई है की जापान, साउथ कोरिया, जर्मनी, ब्रिटेन, फ़्रांस, इटली, स्पेन, अमेरिका समेत दर्जन भर देशों की करीब 1 हज़ार कम्पनियाँ चीन से अपनी फैक्ट्री को भारत में शिफ्ट करना चाहती है 

इन कंपनियों को भारत में जमीन चाहिए ताकि ये अपनी फैक्ट्री लगा सके, सरकार से इसे लेकर लगातार बातचीत चल रही है और इन कम्पनियों के भारत आने से भारत की जीडीपी को कई लाख करोड़ के फायदे की सम्भावना है

एक रिपोर्ट के मुताबिक इन 1000 कंपनियों में से करीब 300 तो मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण की कम्पनियाँ है, इसके अलावा टेक्सटाइल्स, सिंथेटिक सामान इत्यादि की भी कई कम्पनियाँ है जो की छेने में फैक्ट्रीयां चला रही है पर अब वो चीन से भारत शिफ्ट होना चाहती है, इनमें सबसे बड़ा नाम हुंडई और पोस्को का सामने आ चूका है 

भारत सरकार भी इस स्तिथि को समझ रही है इसलिए सीधे प्रधानमंत्री की देखरेख में एक टीम लगातार इन विदेशी कंपनियों से बातचीत कर रही है, लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद भारत में इन कंपनियों के अधिकारी सर्वेक्षण के लिए आ सकते है इसके बाद चीन से कंपनियों को भारत शिफ्ट होने की कार्यवाही शुरू होगी 

इन कंपनियों के भारत आने से भारत की जीडीपी को एक ही झटके में बड़ा फायदा होगा इसके साथ साथ भारत में बड़े पैमाने पर लोगो को रोजगार भी मिल सकेगा