कानपुर में खाने की थाली पर लात मारकर बोले - रमजान है, रोटी दाल नहीं कुछ स्पेशल खिलाओ


देश में कोरोना वायरस फैलाने के लिए जिम्मेदार तबलीगी जमाती सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जाहिल जमातियों के पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ लगातार बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से आ रहा है. जहां आइसोलेशन में जमातियों ने जमकर उत्पात मचाया. 

जमातियों ने खाने की थालियों को फेंक दिया, इतना ही नहीं खाना देने आए वार्ड ब्वाय को भी पीटने की कोशिश की. जमातियों का कहना है कि उन्हे रोटी दाल नहीं कुछ स्पाइसी खाने में दिया जाए, उन्हें बिरयानी और नॉन वेज ही चाहिए. अस्पताल प्रशासन ने जमातियों की इस हरकत को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दी है.

हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटवार्ड ब्वाय दोहपर के वक्त पैक्ड थाली में दाल , चावल रोटी लेकर गया था. जानकारी के मुताबिक शनिवार को वार्ड ब्वाय अजय कुशवाहा से संक्रमतों ने पूछा आज खाने में क्या लाए हो. वार्ड ब्वाय ने बताया कि मैन्यू के हिसाब से आज दाल चावल, रोटी खाने के लिए है. वहीं लेकर आया हूं. 

दाल रोटी का नाम सुनकर 20-25 जमाती भड़क कर बाहर निकल आए औऱ कहा कि कुछ स्पाइसी खिलाओ, जिसपर वार्ड ब्वाय ने कहा कि अपनी बात अस्पताल प्रशासन के सामने रखो. इस जमातियों ने खाने की थालियों को फर्श पर फेंक दिया. 

पैक्ड थालियों में लात मार कर पूरा खाना फर्श में फैला दिया. वार्ड ब्वाय ने जब जमातियों की इस करतूत का विरोध किया तो उसे मारने के लिए दौड़ा लिया. जमातियों की इस हरकत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया.



अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जमातियों के लिए सुबह के वक्त नाश्ता, दो वक्त का खाना मिनरल वाटर और पॉस्टिक फल खाने को दिया जाता है. वहीं जमातियों का कहना है कि हम रोजाना एक जैसा सादा खाना खाकर परेशान हो गए है. रोज मरीजो वाला खाना नहीं खांएगें. उन्होंने कहा की रमजान है अब कुछ स्पेशल खाना दिया जाये 

वहीं इस पूरे मामले पर प्रो. आरके मौर्य ने बताया कि जमाती ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे वह अस्पताल में नहीं होटल में हैं. बदल-बदल कर मेन्यू के हिसाब से खाना मांग रहे हैं. स्वरूप नगर पुलिस से शिकायत की है. अब रविवार से पुलिस की मौजूदगी में उन्हें खाना दिया जाएगा.