सेक्युलर पुलिस ने ठेलों से हटाया भगवा झंडा, सांसद हिन्दू इसलिए फिर लहराया भगवा



इस देश में सेक्युलर आतंकवादियों ने भगवा को इतना बदनाम कर दिया है की भगवा वस्त्र पहनने वाले साधुओं को अब दिन दहाड़े मौत के घाट उतारा जा रहा है वो भी पुलिस की मौजूदगी में, सेक्युलर आतंकवादी ये चाहते है की कोई खुद को हिन्दू कहने से भी डरे

इस देश की सेक्युलर पुलिस ने आजतक उन्मादियों की टोपी को टच नहीं किया, देश की सड़कों पर करोडो उन्मादी है, ठेलों पर फल सब्जियां बेच रहे है, टोपी लगाकर बेच रहे है, पर कभी किसी पुलिस ने नहीं कहा की टोपी निकाल कर सब्जियां बेचो 

पर अब कुछ हिन्दू जो फल सब्जियां बेच रहे है वो अपने ठेले पर भगवा झंडा लगा रहे है तो सेक्युलर पुलिस के पेट में मरोड़ होने लगी है

सेक्युलर पुलिस ने तेलंगाना के निज़ामाबाद में कुछ हिन्दुओ के ठेलों से भगवा झंडा निकाल दिया, सेक्युलर पुलिस ने पुछा की तुमने झंडा क्यों लगाया है तो ठेलों वालो ने बोला की हम हिन्दू है इसलिए भगवा लगाया है, तो सेक्युलर पुलिस ने हिन्दुओ की धार्मिक स्वतंत्रता का वही क़त्ल कर दिया और भगवा झंडा हटा दिया 


अब निज़ामाबाद के ये हिन्दू तो भाग्यशाली है की इन्होने इस बार निज़ामाबाद में एक हिन्दू को सांसद बनाया है, बीजेपी के स्थानीय सांसद अरविन्द को इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने हिन्दुओ के मनोबल को फिर ऊँचा किया और खुद जाकर उनके ठेलों पर भगवा झंडा लहराया

सांसद अरविन्द ने पुलिस से कहा की - तुम जब टोपी वालो की टोपी नहीं निकालते तो हिन्दुओ का झंडा कैसे निकाल रहे हो, संविधान के हिसाब से धार्मिक स्वत्नत्रता सबको है, अगर उन्मादी टोपी लगाकर ठेला चला सकते है तो हिन्दू भी भगवा झंडा लगाकर ठेला चलाएंगे


सांसद अरविन्द ने ये भी कहा की हिन्दुओ को भी धार्मिक स्वतंत्रता है, उनको भी अपने घरों ठेलों पर अपने धर्म के प्रतिक लगाने की स्वतंत्रता है, सांसद अरविन्द ने खुद उन ठेलों वालो के पास जाकर फिर से भगवा झंडा लगाया और गरीब हिन्दुओ का मनोबल फिर से ऊँचा किया