वाराणसी में स्कूटी रोकने पर भड़का कांग्रेस नेता, पुलिसकर्मी से करने लगा गुंडागर्दी


पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। ऐसे में पुलिस अपनी जान की परवाह किये लगातर जनता की सेवा में लगी हुई है लेकिन इस परिस्तिथियों में कुछ नेता ऐसे हो जो कानून को ताक पर रखकर लॉकडाउन का मजाक उड़ा रहे है।

मामला वाराणसी जिले का है, जहां एक कांग्रेस नेता सिर्फ इसलिए दारोगा से बदसलूकी पर उतर आए क्योंकि उन्हें मास्क और हेलमेट के लिए टोका गया था। उसके बाद क्या हुआ, आइए आपको भी बताते हैं पूरा मामला।

जानकारी के मुताबिक, ये मामला वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड का है, जहाँ पर कांग्रेस के नेता मनीष उपाध्याय बिना मास्क कहीं जा रहे थे। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका। तभी दुर्गाकुंड चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह से मास्क न पहनने की वजह उनसे पूछी तो नेताजी ने पुलिस वालों को ही अरदब में लेना शुरू कर दिया।

चौकी प्रभारी ने लॉकडाउन के नियमों का हवाला दिया तो नेताजी ने उनसे भी तू-तड़ाक शुरू कर दी और वर्दी उतरवा लेने की धमकी दी। कांग्रेस नेता ये कहकर अपना गुस्‍सा दि‍खाने लगे कि‍ ‘मेरे घर में एसपी नहीं है क्या, आईपीएस मेरे घर में भी है।’ इसपर जब प्रकाश सिंह ने कहा कि चाहे जो भी देश से बड़ा कुछ नहीं तो कांग्रेस नेता एक बार फिर आग बबूला हो गए और कहा कि ऊँगली मत दिखाइए मैं अपराधी नहीं हूं।’


इसपर भी जब प्रकाश सिंह ने कहा कि आप बिना मास्क कैसे घूमेंगे तो उन्होंने कहा कि मास्क लगना अनिवार्य नहीं है। जब प्रकाश सिंह ने कानून की बात की तो कहने लगे कौन सी धारा लगाओगे।’ जिसके बाद चौकी प्रभारी ने स्कूटी सवार कांग्रेसी नेता का चालान कर दिया। साथ ही अगली बार ऐसे घूमने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी।