बीच का नाम पंकज पर पूरा नाम मोहम्मद पंकज खान, भगा रहा था जमातियों को कांस्टेबल


वो जब किसी से अपना नाम बताता था वो खुद को पंकज कहता था. किसी से भी नहीं बताया उसने कि वो अपने नाम में आगे मोहम्मद और पीछे खान लगाता है. इस सिपाही के कृत्य जिसने भी जाने वही हैरान हो गया क्योकि जिन जमातियो को पुलिस पूरे देश में खोज रही है उन्ही जमातियो को ये सिपाही दिल्ली पुलिस की पहुच से बहुत दूर करने की साजिश रच रहा था. 

इस से पहले दिल्ली पुलिस का ही सिपाही इमरान भी ऐसी ही हरकत करते गिरफ्तार किया गया था. तब में और अब में फर्क यही है कि उस समय बार्डर था गाजियाबाद का और अब बॉर्डर है फरीदाबाद का.. हैरानी की बात ये है कि इस सिपाही ने बाकायदा इसकी जिम्मेदारी भी ली है फेसबुक पर.

ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली में एक और सिपाही ने वर्दी से गद्दारी की है. इस सिपाही का नाम मोहम्मद पंकज खान है. दरअसल इस हेड कॉन्स्टेबल का नाम मोहम्मद पंकज खान है, जिसने मार्च में अपने फेसबुक (Facebook) पेज पर एक पोस्ट डाला, जिसमें लिखा, “कोई भी मदरसे में पढ़ने वाला बच्चा अगर मेवात की तरफ जाना चाहता है और बॉर्डर पार करने में उसे दिक्कत आ रही है तो वह उसकी मदद कर सकता है.” 

इतना ही नहीं मोहम्मद पंकज खान ने अपनी फेसबुक पोस्ट में अपना मोबाइल नंबर भी दिया, जिससे कि लोग उससे संपर्क कर सकें, लेकिन इस बात की शिकायत जब दिल्ली पुलिस को मिली तो पुलिस ने मोहम्मद पंकज खान से पूछताछ की. इस दौरान खान ने बताया कि उसने अभी तक चार-पांच लोगों को दिल्ली का बॉर्डर पार करवाया है. 

फिलहाल दिल्ली पुलिस ने पंकज खान को सेल्फ क्वारंटीन के लिए भेज दिया था. जानकारी के अनुसार चार अप्रैल को दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक मेल मिला था, उसमें हवलदार मो. पंकज खान की शिकायत की गई थी। शिकायत में सीधे-सीधे लिखा कि हवलदार ने तब्लीगी जमात के लोगों को मेवात जाने के लिए बॉर्डर पार करवाया। 

इसकी बकायदा फोटो भी आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की। उक्त हवलदार दिल्ली के कम्युनिकेशन विभाग में तैनात है. यहाँ तक कि हवलदार अपना नम्बर भी इस काम के लिए लोगों को सार्वजनिक रूप से बांटता दिखा.