एक बार ख़त्म हो कोरोना, चीन को ऐसी मौत मारने की तैयारी की याद रखेंगी पुश्तें, तमाम देश कर रहे तैयारी


चीन ने साल 1980 के दौर से 2020 तक काफी तेज रफ़्तार से विकास किया, दुनिया के किसी देश ने चीन के विकास में कोई बाधा नहीं डाली, सभी देशों ने अपने यहाँ चीन को व्यापार करने दिया, कभी चीन पर कोई रोक नहीं लगाये 

पर चीन धीरे धीरे पैसा कमाकर इंसानियत को छोड़कर कर शैतानियत पर पहुँच गया और अपने यहाँ कमाए हुए पैसों से वायरस के लैब बनाने लगा, वुहान शहर जहाँ से चीन ने कोरोना वायरस को फैलाया है वहां सैंकड़ो एकड़ जमीन पर चीन ने वायरस बनाने का लैब बना रखा है जिसे P4 लैब कहते है

चीन का P4 लैब, जहाँ बनाया है कोरोना वायरस 
चीन ने कोरोना वायरस दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए बनाया है, चीन ने वुहान में ही एक बड़ा इंस्टिट्यूट खोल रखा है जिसे 'वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ़ वाइरोलोजी' कहा जाता है 

चीन ने इसी P4 लैब में वायरस बनाया और पूरी दुनिया में फैलाया, जिसके कारण दुनिया में आज 21 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती है, वहीँ अनगिनित लोगों को वायरस होने के शक में अलग थलग रखा गया है और 1 लाख 50 हज़ार से ज्यादा लोग इस वायरस से 17 अप्रैल तक अपनी जान खो चुके है 

सिर्फ लोगो की जान ही नहीं गयी बल्कि चीन के वायरस से दुनिया भर के तमाम बड़े और छोटे देश बंद पड़े है, देशों की इकॉनमी तबाह और बर्बाद हो रही है, भारत को छोड़कर बाकी सभी देशों के लिए IMF ने माइनस जीडीपी ग्रोथ की भविष्यवाणी भी कर दी है, लोगो के काम धंधे बंद हो चुके है, लोग खौफ में जी रहे है 

पर इसके उलट जिस चीन ने कोरोना वायरस को फैलाया है उसने पिछले 8 अप्रैल को वुहान शहर को भी पूरी तरह खोल दिया, आज की तारीख में चीन का 1 भी शहर बंद नहीं है, सभी काम धंधे भी खुले हुए है और चीन दुनिया को चिढाने के लिए इस तरह के विडियो भी बना रहा है


चीन ये सोचकर बैठा था की उसने दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी है, दुनिया वायरस से अभी भी जूझ रही है, दुनिया की इकॉनमी अभी भी तबाह हो रही है पर उसके यहाँ सबकुछ सामान्य है, पर चीन इस बात को भूल गया है की जब भी दुनिया पर कोई बड़ा संकट आता है, दुनिया कुछ समय तक उस संकट से जरुर जूझती है पर फिर दुनिया संघर्ष करके बचती भी है और उस संकट को लाने वाला बुरी मौत मरता है, चाहे प्रथम विश्व युद्ध हो या दूसरा विश्व युद्ध, बड़े बड़े तानाशाह सड़कों पर फांसी पर चढ़ाये गए है

चीन की हरकतों को दुनिया देख रही है और दुनिया के तमाम बड़े देशों और वहां की सरकारों में अब चीन को लेकर आक्रोश बढ़ चूका है और तमाम देशों ने चीन पर कार्यवाही की तैयारियां भी शुरू कर दी है, इन देशों में जापान सबसे आगे है इसके साथ साथ साउथ कोरिया, अमेरिका, फ़्रांस, इटली, स्पेन, इजराइल जैसे तमाम देश चीन को लेकर संकट कार्यवाही की तैयारी कर रहे है

इन बड़े देशों के अलावा अफ्रीका के देश भी चीन के खिलाफ आक्रोशित हुए है क्यूंकि चीन ने अपने यहाँ अफ़्रीकी लोगो के खिलाफ नस्लभेदी हरकतें भी की है

चीन पर दुनिया कई तरह की कार्यवाही करेगी और इसकी तैयारियां भी शुरू हो गयी है, पहले चीन को राजनितिक तौर पर घेरा जायेगा उसपर राजनितिक कार्यवाही होगी, फिर आर्थिक कार्यवाही की जाएगी और फिर जरुरत पड़ी तो चीन के खिलाफ सैन्य कार्यवाही भी की जाएगी

राजनितिक कार्यवाही 


वीटो पॉवर वाले 2 देशों ने बयान भी जारी कर दिया है, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा है की - चीन ऐसे नहीं बच सकता, उसे कड़े सवालों के जवाब देने ही होंगे, इसके साथ साथ फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों ने भी चीन पर शक जाहिर कर दिया है

इन दोनों वीटो पॉवर वाले देशों के अलावा दुनिया की सभी बड़ी शक्ति अमेरिका तो पहले से ही कोरोना वायरस को चीनी वायरस घोषित कर चूका है, अमेरिकी सरकार लगातार जांच की बात कर रही है, डोनाल्ड ट्रम्प ने WHO की फंडिंग भी रोकी है, इसके साथ साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भी चीन के खिलाफ कार्यवाही की बात शुरू हो गयी है

ये तीनो ही वीटो पॉवर वाले देश, ब्रिटेन फ़्रांस और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में चीन के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में है और उसके लिए इन देशों ने अभी से बयान भी जारी करने शुरू कर दिए है, चीन UNSC का परमानेंट मेम्बर है, ये तीनो देश चीन के खिलाफ प्रस्ताव लाकर चीन को UNSC से बाहर करने की मुहीम चलाने की तैयारी कर रहे है, इटली, स्पेन, जर्मनी, इजराइल, ब्राज़ील और अफ़्रीकी देशों जैसे तमाम देश इस मसले पर अमेरिका ब्रिटेन फ़्रांस का साथ देंगे, ये तो चीन पर राजनितिक कार्यवाही है

आर्थिक कार्यवाही 

जापान ने चीन से अपने कारोबार को बाहर निकालने की कार्यवाही शुरू कर दी है, जापानी प्रधानमंत्री ने 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की शुरुवाती मदद का भी ऐलान किया है, जापान के साथ साथ साउथ कोरिया की भी बड़ी कंपनी सैमसंग ने चीन में अपना काम बंद कर दिया है, इसके अलावा हुंडई और पोस्को जैसी बड़ी कम्पनियाँ तो भारत सरकार से संपर्क भी स्थापित कर चुकी है, वो चीन से अपना प्लांट भारत लाना चाहती है

जापान और साउथ कोरिया की इन कार्यवाहीयों से चीन अभी से काँप रहा है, उसे डर लगने लगा है की और भी बड़े देश चीन पर इसी तरह की कार्यवाही न करने लग जाये 


यूरोप के बड़े बड़े देश और अमेरिका फ़िलहाल कोरोना वायरस से जूझ रहे है पर उनके यहाँ भी तैयारियां होने लगी है, वो अपनी तमाम कंपनियों को चीन से बाहर शिफ्ट करेंगे, जानकारी तो ये सामने आई है की वायरस पर थोडा भी कण्ट्रोल होने के बाद इटली, स्पेन, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, अमेरिका जैसे देश चीन पर बड़े बड़े आर्थिक प्रतिबन्ध लगायेंगे और अपने निवेश को चीन से बाहर खींच लेंगे, चीन की जीडीपी को 1 ही झटके में ऐसा नुक्सान होगा जैसा कोरोना से अन्य देशों की जीडीपी को भी नहीं हुआ 

सैन्य कार्यवाही  

जानकारी ये भी आ चुकी है की अमेरिका के बड़े बड़े युद्धपोत अब साउथ चाइना सी में तैनात हो चुके है, अमेरिका चीन को सैन्य तौर पर भी घेर चूका है, और ये काम चीन पर दबाव बनाने के लिए किया गया है, जब चीन पर आर्थिक और राजनितिक कार्यवाही हो रही होगी तो चीन पर अमेरिका सैन्य दबाव भी बनाकर रखेगा, और अगर जरुरत पड़ ही गयी तो दुनिया के तमाम देश चीन से इतने आक्रोशित है की चीन पर सभी मिलकर एक बड़ा हमला भी कर सकते है, और चीन का वही हाल होगा जो दुसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी और जापान का हुआ था 

अपने वायरस से चीन ने दुनिया में तबाही मचाई है और एक बार वायरस थोडा भी कण्ट्रोल में आ जाये, चीन पर ऐसी कार्यवाहीयों की तैयारियां चल रही है की चीन ने 1980 से अबतक जो कुछ कमाया है, चीन राजनितिक, आर्थिक और सैन्य तौर पर बुरी मौत मारा जायेगा, इस वायरस ने दुनिया में जो नुक्सान पहुँचाया वो पहुँचाया, चीन का वो नुक्सान होगा की उसकी पुश्ते लम्बे समय तक याद रखेंगी