बेहद खतरनाक : चीनी वायरस की तबाही से सस्ती हुई हमारी कंपनियों को खरीद रहा चीन, कण्ट्रोल करना चाहता है भारत को


जिस चीज को लेकर आशंका जाहिर की जा रही थी वो चीज अब दिखाई देने लगी है, इसी कारण इटली स्पेन जैसे देशों ने चीन पर फ़िलहाल बैन भी लगाया है, पर अब भारत में भी चेनी निवेश पर तत्काल बैन लगाने की जरुरत है 

हुआ ये है की चीनी वायरस के चलते दुनिया भर की इकॉनमी पर असर पड़ा है, भारत की बात करें तो लॉक डाउन होने के कारण इकॉनमी ठप्प पड़ी है और इसी कारण शेयर मार्किट भी काफी ज्यादा गिर चूका है और इस चीज का चीन अब फायदा उठा रहा है 

शेयर मार्किट के गिरने से अब भारत की कंपनियों के शेयर भी काफी ज्यादा गिरे हुए है, भारत की एक प्रमुख कंपनी HDFC LIMITED के शेयर 45% तक गिर चुके है, ये कंपनी फ़रवरी के रेट से लभग आधे रेट पर अब ट्रेड कर रही है और चीन ने इसका फायदा उठाया है 

चीन के सेंट्रल बैंक जिसे आप चीन का RBI भी कह सकते है उस 'पीपल बैंक ऑफ़ चाइना" ने HDFC के 1 करोड़ 75 लाख शेयर ख़रीदे है 

चीन ये ही काम स्पेन इटली जैसे तमाम देशों में भी कर रहा था, वहां की इकॉनमी को अपने वायरस से बर्बाद किया जिसके बाद सस्ते हो चुकी कंपनियों के शेयर को खरीदना शुरू कर दिया, इटली और स्पेन की सरकार समझ गयी और इटली और स्पेन दोनों ने फ़िलहाल चीन के निवेश पर बैन लगा दिया है 

अब चीन भारत की बड़ी बड़ी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, ऐसा करके चीन भारत की कंपनियों को कण्ट्रोल कर के भारत की इकॉनमी को कण्ट्रोल में लेना चाहता है, इसे आप इकनोमिक आतंकवाद भी कह सकते है 

चीन अगर भारत की कंपनियों में अपने निवेश को बढ़ाएगा तो उसका भारत की कंपनियों पर अधिकार भी बढ़ जायेगा, फिर वो अपने मन मुताबिक भारत के शेयर मार्किट को गिराएगा और चलाएगा, एक तरह से वो एक दादा की तरह भारत की कंपनियों और इकॉनमी को कण्ट्रोल करेगा, धमकी देकर वो भारत की कंपनियों और उनके फैसलों में हस्तक्षेप करेगा 

भारत की सरकार को भी चीन की गतिविधियों पर नजारा रखने की जरुरत है और जबतक कोरोना संकट चलता है तबतक इटली स्पेन की तरह ही भारत को भी चीन के निवेश पर बैन लगाने की जरुरत है